Chandrakanta Santati-5

चन्द्रकान्ता सन्तति-5

Mystery & Suspense, Historical Mystery
Cover of the book Chandrakanta Santati-5 by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री, Bhartiya Sahitya Inc.
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
Author: Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री ISBN: 9781613010303
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc. Publication: April 29, 2012
Imprint: Language: Hindi
Author: Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
ISBN: 9781613010303
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc.
Publication: April 29, 2012
Imprint:
Language: Hindi
हमारे पाठक ‘लीला’ को भूले न होगें। तिलिस्मी दारोगावाले बँगले की बर्बादी के पहिले तक इसका नाम आया है, जिसके बाद फिर इसका जिक्र नहीं आया*। (*देखिए चन्द्रकान्ता सन्तति, नौवाँ भाग, आठवाँ बयान।) लीला को जमानिया की खबरदारी पर मुकर्रर करके मायारानी काशीवाले नागर के मकान में चली गयी थी और वहाँ दरोगा के आ जाने पर उसके साथ इन्द्रदेव के यहाँ चली गयी। जब इन्द्रदेव के यहाँ से भी वह भाग गयी और दारोगा तथा शेरअलीखाँ की मदद से रोहतासगढ़ के अन्दर घुसने का प्रबन्ध किया गया जैसाकि सन्तति के बाहरवें भाग के तेरहवें बयान में लिखा गया है, उस समय लीला मायारानी के साथ थी, मगर रोहतासगढ़ में जाने से पहिले मायारानी ने उसे अपनी हिफाजत का जरिया बनाकर पहाड़ के नीचे ही छोड़ दिया था। मायारानी ने अपना तिलिस्मी तमंचा, जिससे बेहोशी के बारुद की गोली चलायी जाती थी, लीला को देकर कह दिया था कि मैं शेरअलीखाँ की मदद से और उन्हीं के भरोसे पर रोहतासगढ़ के अन्दर जाती हूँ, मगर ऐयारों के हाथ मेरा गिरफ्तार हो जाना कोई आश्चर्य नहीं, क्योंकि बीरेन्द्रसिंह के ऐयार बड़े ही चालाक हैं। यद्यपि उनसे बचे रहने की पूरी-पूरी तरकीब की गयी है, लेकिन फिर भी मैं बेफिक्र नहीं रह सकती, अस्तु यह तिलिस्मी तमंचा तू अपने पास रख और इस पहाड़ के नीचे ही रहकर हम लोगों के बारे में टोह लेती रह, अगर हम लोग अपना काम करके राजी-खुशी के साथ लौट आये तब तो कोई बात नहीं, ईश्वर न करे कहीं मैं गिरफ्तार हो गयी तो तू मुझे छुड़ाने का बन्दोबस्त कीजियो और इस तमंचे से काम निकालियो। इसमें चलानेवाली गोलियाँ और वह ताम्रपत्र भी मैं तुझे दिये जाती हूँ, जिसमें गोली बनाने की तरकीब लिखी हुई है।
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
हमारे पाठक ‘लीला’ को भूले न होगें। तिलिस्मी दारोगावाले बँगले की बर्बादी के पहिले तक इसका नाम आया है, जिसके बाद फिर इसका जिक्र नहीं आया*। (*देखिए चन्द्रकान्ता सन्तति, नौवाँ भाग, आठवाँ बयान।) लीला को जमानिया की खबरदारी पर मुकर्रर करके मायारानी काशीवाले नागर के मकान में चली गयी थी और वहाँ दरोगा के आ जाने पर उसके साथ इन्द्रदेव के यहाँ चली गयी। जब इन्द्रदेव के यहाँ से भी वह भाग गयी और दारोगा तथा शेरअलीखाँ की मदद से रोहतासगढ़ के अन्दर घुसने का प्रबन्ध किया गया जैसाकि सन्तति के बाहरवें भाग के तेरहवें बयान में लिखा गया है, उस समय लीला मायारानी के साथ थी, मगर रोहतासगढ़ में जाने से पहिले मायारानी ने उसे अपनी हिफाजत का जरिया बनाकर पहाड़ के नीचे ही छोड़ दिया था। मायारानी ने अपना तिलिस्मी तमंचा, जिससे बेहोशी के बारुद की गोली चलायी जाती थी, लीला को देकर कह दिया था कि मैं शेरअलीखाँ की मदद से और उन्हीं के भरोसे पर रोहतासगढ़ के अन्दर जाती हूँ, मगर ऐयारों के हाथ मेरा गिरफ्तार हो जाना कोई आश्चर्य नहीं, क्योंकि बीरेन्द्रसिंह के ऐयार बड़े ही चालाक हैं। यद्यपि उनसे बचे रहने की पूरी-पूरी तरकीब की गयी है, लेकिन फिर भी मैं बेफिक्र नहीं रह सकती, अस्तु यह तिलिस्मी तमंचा तू अपने पास रख और इस पहाड़ के नीचे ही रहकर हम लोगों के बारे में टोह लेती रह, अगर हम लोग अपना काम करके राजी-खुशी के साथ लौट आये तब तो कोई बात नहीं, ईश्वर न करे कहीं मैं गिरफ्तार हो गयी तो तू मुझे छुड़ाने का बन्दोबस्त कीजियो और इस तमंचे से काम निकालियो। इसमें चलानेवाली गोलियाँ और वह ताम्रपत्र भी मैं तुझे दिये जाती हूँ, जिसमें गोली बनाने की तरकीब लिखी हुई है।

More books from Bhartiya Sahitya Inc.

Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-38 by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Sachcha Sukh (Hindi Self-help) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-16 by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Gau Mata Chalisa (Hindi Prayer) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Aakhiri Chattan Tak (Hindi Travelogue) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Meri Kahania-Jaishankar Prasad-2(Hindi Stories) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Jalti Chattan (Hindi Novel) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Meri Kahaniyan-Maitreyi Pushpa (Hindi Stories) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-07 by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Krodh (Hindi Religious) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Ruthi Rani (Hindi Novel) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Mulla Nasiruddin Ke Chutkule (Hindi Jokes) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Piya Ki Gali (Hindi Novel) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Sangram (Hindi Drama) by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-41 by Devki Nandan Khatri, देवकी नन्दन खत्री
We use our own "cookies" and third party cookies to improve services and to see statistical information. By using this website, you agree to our Privacy Policy